Bihar Fasal Sahayta Yojana 2023 ( बिहार फसल सहायता योजना )
Bihar Fasal Sahayta Yojana 2023 : राज्य सरकार द्वार खरीफ 2018 मौसम से बिहार राज्य फसल राहत योजना लागू की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य फसलों के उत्पादन मे ह्रास की परिस्थिति मे किसानों को को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हे अगली फसल के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित करना ,प्रतिकूल परिस्थियों मे किसानों की आय निरान्त्रण बनाए रखना तथा किसानों की आय मे वृद्धि सुनीशिचत करते हुयर राज्य मे कृषि को लाभप्रद व्यवसाय के रूप मे विकसित करना है।

Fasal Sahayta Yojana 2023
इस योजना का लाभ अन्य योजनाओं यथा- कृषि इनपुट अनुदान योजना एवं डीजल अनुदान योजना के लाभार्थियों को भी प्राप्त होगा। योजना के तहत आवेदन करने हेतु किसानों को किसी प्रकार के शुल्क/प्रीमियम का भुगतान नहीं करना है।
जागरूकता के अभाव मे किसान नहीं ले पा रहे योजना का लाभ (Rabi Fasal )
जागरूकता के अभाव में जिले के किसान बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं । जबकि सुखाड़ से किसानों की फसल की क्षति होने पर सरकार क्षतिपूर्ति के रूप में सहायता राशि देती है। किसानों को आपदा से होने वाले नुकसान से बचाव को ले कर ही सरकार ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना की शुरुआत की है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सहकारिता विभाग के पोर्टल पर अनलाइन आवेदन करना होता है। लेकिन जागरूकता अभाव मे अधिकांश किसान इस योजन का लाभ उठा नहीं पते है। बिहार राज्य फसल सहायता राशि सितम्बर माह मे भुगतान किया जाएगा। विभाग के जारी पत्र के अनुसार किसान 31 मार्च तक सहकारिता विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। 30 जून तक सबंधित विभागों द्वारा फसल की जांच के बाद किसानों का चयन किया जाता है।
31 मार्च तक क्र सकते है आवेदन ( Rabi Fasal )
बिहार राज्य फसल सहायता योजना के ( RabiFasal ) के तहत फसल की क्षति होने के आशंका पर किसान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन कर सकते है। 1 जनवरी से आवेदन शुरू हो चुका है जबकि 31 मार्च तक आबेदान कर सकते है। इस योजना का किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके इसके लिए E Khetibari अपने प्लेटफॉर्म से जानकारी दे रहा है।
20 प्रतिशत से अधिक क्षति पर मिलती है राशि।
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गेहूं, मक्का, चना, मसूर, अरहर, राई, ईख, प्याज व आलू की फसल 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर किसानो को प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 10 हजार एवं 2 हेक्टेयर मे लगी फसल की क्षति होने पर 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। जबकि 20 प्रतिशत से कमफसल की क्षति होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों के अनुसार पिछले सात साल की औसत उपज से इस साल की औसत उपज की तुलना की जाएगी।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- आच्छादित किसान
- रैयत किसान – ऐसे सभी किसान जो अपनी रैयती भूमि पर खेती स्वयं करते हो।
- गैर-रैयत किसान – ऐसे सभी किसान जो दूसरे रैयतों की भूमि पर खेती करते हो।
- आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत
- इन्डेमनिटी स्तर एवं थ्रेसहोल्ड उपज
- 70 प्रतिशत इन्डेमनिटी स्तर का प्रावधान।
- थ्रेशहोल्ड उपज पिछले 07 वर्षों की औसत उपज एवं इन्डेमनिटीस्तर का गुणनफल ।
- आच्छादित / सहायता राशि की अधिसीमा
- थ्रेशहोल्ड उपज दर की तुलना में वास्तविक उपज दर में 20% तक ह्रास की स्थिति में सत्यापन के उपरान्त 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो (02) हेक्टेयर तक कुल 15,000 रुपये सहायता राशि अनुमान्य है।
- थ्रेशहोल्ड उपज दर की तुलना में वास्तविक उपज दर में 20% से ज्यादा ह्रास की स्थिति में सत्यापन के उपरान्त 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो (02) हेक्टेयर तक कुल 20,000 रुपये सहायता राशि अनुमान्य है
योजना के तहत अनुमान्य सहायता राशि का भुगतान लाभार्थी किसानों को DBT के माध्यम से उनके बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाता है।

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